
"WISH U A VERY HAPPY DIWALI"




एक विचार चाहता हु
अपने देश के लिए कुछ
करना चाहता हु
हर तरफ़ खुशी
और सुख हो
एक
नया बदलाव
की उम्मीद चाहता हु
हर घर मे खाने
के लिए पूरी रोटी
और ओड़ने के
लिए पुरी चादर
ऐसा
एक विचार चाहता हु
धर्म के नाम
पर किसी भाई का
खून न हो
जाति के नाम पर
अपने अपनों से
अलग न हो
एक विचार चाहता हु
मेरा वतन तेरे लिए
हमारा सब कुछ
निछावर
मेरे लहू के
हर कतरे मे
"वंदेमातरम"
लिखो हो
बस
पूरे भारत
मे यही
एक विचार चाहता हु
वो रुकी थी दहलीज़ पर
खड़ी थी वहा
कुछ आने का इंतज़ार था
पीछे से माँ की आवाज़ आई
"कजरी देख चुलहा गरम
हो गया क्या ?"
पर उसके अंदर तो आज
कुछ और जल रहा था
कजरी ने कदम बढाया था
वो आज इस दहलीज़ को लाँघ कर
उस दुनिया मे जाने की
कशमकश मे खड़ी थी
आख़िरी लम्हा था घर का
इस दहलीज़ को कई
बार लाँघा उसने
पर आज वो
अहसास कुछ अलग थे
उस पार दूसरी दुनिया
आंखे खोले खड़ी थी
कल फिर ये रिश्ते
बदल चुके होंगे
बापू की प्यारी बिटिया
भाई की संस्कारी बहन
एक कदम बढाते
अपने अपने ना होंगे
ये दहलीज़ लाँघ कर
मै शायद मे ना रहूंगी
पर प्यार तेरे ख़याल हे
की मै आज सब छोड़ आई हू
तू आज फिर
मूझे नया नाम दे
फिर एक दहलीज़
पर एक नया रिश्ता होगा
मै वही रहूंगी
पर वो पुरानी दहलीज़
और रिश्ता ना होंगे